-महापौर ने लालकुटी से गौरी केदारेश्वर तक पैदल किया निरीक्षण, खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल बदलने का आदेश
-बारात मार्ग पर सीवर ओवरफ्लो और उबड़-खाबड़ रास्ते देख जताई नाराजगी, जलकल व मुख्य अभियंता को दी डेडलाइन
- तिलभांडेश्वर की गलियों में सीवर का सिल्ट देख बोले- सड़कों पर मलबा छोड़ा तो खैर नहीं, सुपरवाइजर को कड़ी चेतावनी
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी : नगर निगम काशी की ऐतिहासिक शिव बारात के मार्ग को 48 घंटे के भीतर दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा है । इस क्रम में बुधवार को शिव बारात मार्गों का निरीक्षण करने निकले महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अव्यवस्थाओं को देख कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम दिया कि 48 घंटे के भीतर बारात मार्ग की सभी खामियां दूर की जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
महापौर ने लालकुटी व्यायामशाला से पैदल निरीक्षण शुरू किया। लालकुटी महादेव और तिलभांडेश्वर महादेव से निकलने वाली शिव बारात के मार्ग पर जगह-जगह गंदगी और सीवर का मलबा देख नाराजगी जताते हुए कहा कि सीवर साफ करके मलबा सड़क पर ही छोड़ देना लापरवाही की पराकाष्ठा है। गौरी केदारेश्वर मार्ग पर गंदगी मिलने पर उन्होंने क्षेत्रीय सुपरवाइजर को तत्काल चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान महापौर ने जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिव बारात के दौरान एक भी सीवर मैनहोल ओवरफ्लो नहीं होना चाहिए।
मुख्य अभियंता आरके सिंह को निर्देशित किया कि जहां भी मार्ग उबड़-खाबड़ हैं या पैचवर्क की जरूरत है, उसे रातों-रात ठीक कराएं। वहीं, प्रकाश विभाग को निर्देशित किया कि बारात वाले रूट की एक भी स्ट्रीट लाइट बंद नहीं मिलनी चाहिए।महापौर रेवड़ी तालाब होते हुए गौरी केदारेश्वर महादेव तक पैदल गए और बारीकी से व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने कहा कि शिव बारात में लाखों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में अंधेरा या टूटी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। निरीक्षण के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद विजय द्विवेदी, रामगोपाल वर्मा, चंद्रनाथ मुखर्जी और शिव बारात के संयोजक अजय वर्मा सहित नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
शहीद उद्यान के कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता से न हो समझौता
इससे पहले महापौर सिगरा स्थित शहीद उद्यान पार्क भी पहुँचे। यहां उन्होंने पार्क के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखा और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कहा कि शहीद उद्यान शहर का प्रमुख केंद्र है, यहां चल रहे कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि स्थानीय नागरिकों और बच्चों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुंदरीकरण के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


