
नई दिल्ली: अयोध्या में बने भव्य श्रीराम मंदिर की बुधवार को दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज से दो वर्ष पूर्व 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
अमित शाह ने आगे कहा कि यह मंदिर प्रभु श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है, जो धर्म की रक्षा, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विरासतों के संरक्षण के लिए प्रेरणा देता रहेगा। साथ ही उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के सभी बलिदानियों को नमन किया।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस पावन दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा कि अयोध्या नगरी आज प्रभु श्रीरामलला के नूतन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ की साक्षी बन रही है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का विराजमान होना सदियों के संघर्ष की समाप्ति और वेदना के अंत का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि यह तीन पीढ़ियों की साधना और संघर्ष, साधु-संतों के आशीर्वाद और 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास की परिणति है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक रामभक्त के हृदय में संतोष और गर्व की भावना है।
इस अवसर पर भाजपा सांसद संजय सेठ ने भी इसे सांस्कृतिक पुनरुत्थान का स्वर्णिम काल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2020 के भूमि पूजन से लेकर 22 जनवरी 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा तक की यात्रा आधुनिक भारत के सांस्कृतिक उत्थान का जीवंत उदाहरण है।
संजय सेठ ने अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लें।





