
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
वृंदावन: ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर के तोषखाने को 54 साल बाद खोला गया, लेकिन उसमें मिला खजाना चौंकाने वाला रहा। खजाने में न तो सोना-चांदी मिला और न ही हीरे या कोई कीमती आभूषण। केवल एक टूटा हुआ संदूक, आभूषणों के खाली डब्बे, तीन कलश, खाली लकड़ी के बक्से, कुछ पीतल के बर्तन, एक छोटी चांदी की छतरी और 1970 का एक पुराना समाचार पत्र मिला।
इस खुलासे ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मंदिर का कीमती खजाना कहां गया? तोषखाने में कोई मूल्यवान वस्तु न मिलने से मंदिर प्रशासन और भक्तों में हड़कंप मच गया है। इस रहस्य की जांच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




