
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राजधानी के अस्पतालों की लापरवाही ने एक बार फिर सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। पीजीआई के पास स्थित आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 19 वर्षीय प्रिंस यादव की मौत ने सदमे की लहर दौड़ा दी है। नाक की हड्डी के साधारण ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे युवक की ऑपरेशन थिएटर से लाश ही लौटी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
परिजनों के अनुसार, प्रिंस यादव नाक की हड्डी की समस्या के चलते इलाज के लिए आशीर्वाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन ऑपरेशन के दौरान हुई कथित चूक से उसकी जान चली गई। पिता रामबाबू यादव का दर्दनाक बयान है, “जिंदा ले गए थे हमारे बेटे को, मृत लाकर दे दिया। डॉक्टरों की लापरवाही ने हमें बर्बाद कर दिया।” परिजन अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते नजर आए, जहां उन्होंने मांग की कि जिम्मेदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो।

इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर मौत बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साधारण प्रक्रिया में भी बुनियादी सावधानियां बरतने में कोताही की गई। गुस्साए परिजनों ने सवाल उठाए, “जब इलाज के नाम पर जान जा रही है, तो जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई? क्या हमें न्याय मिलेगा?”
घटना की निंदा करते हुए श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू ने आज धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और दोषियों को सजा दिलाने के लिए आंदोलन करेंगे।” करणी सेना के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन परिजनों का कहना है कि बिना ठोस कार्रवाई के वे शांत नहीं बैठेंगे। लखनऊ के अस्पतालों में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रही हैं। उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराए।




