
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: लोकतंत्र में सिर्फ न्याय की पावर होती है। लेकिन हैरानी ये है, कि ये बात वो शख़्स कर रहा है। जिसने राज करते हुए लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा कर रख दी थीं।
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष , कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को उनके जन्मदिन पर 100 रुपये की बात कहकर अपमानित करते हैं।
अखिलेश यादव जी ओमप्रकाश राजभर की बढ़ती लोकप्रियता से बौखला गए है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी,कुछ अतिपिछड़ी जातियों के कुछ तितरो के माध्यम से दश-बीस सदस्यों को सपा दफ्तर में बुलाते है महापुरुषों की मूर्ति रिवर फ्रंट लखनऊ मे लगाने की घोषणा कर देते है।
सत्ता में थे सीएम 5 वर्ष तो इन महापुरुषों का नाम लेने में शर्म आती थी,पहले अपने_बैनर_पर_इन_महापुरुषों_को_स्थान_दें फिर मूर्ति लगाने की बात करना धोखेबाज,जब इन राष्ट्र के धरोहर बहुजन महापुरुषों को शौकत अली जैसे चिरकुट,दो कौड़ी का चिल्लर अपमान जनक टिप्पणी करता है,तो यही सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी एक शब्द नहीं बोलते है।
- IMIM नेता शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव राजभर का अपमान बहुजन महापुरुषों का अपमान है।
- यह देश के इतिहास और समाज के स्वाभिमान का अपमान है।
- सपा-AIMIM मिलकर दलित- OBC समाज को बांटने का पाप कर रही हैं।
- सपा का PDA फॉर्मूला झूठा है, जो केवल वोट के लिए है।




