
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
अखिल भारत हिंदू महासभा ने देश के मौजूदा आंतरिक हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट को एक खुला पत्र लिखा है। महासभा ने कहा कि 1947 के बाद एक बार फिर देश भीड़तंत्र के जुल्मों से कराह रहा है। कई राज्यों में अशांति फैली हुई है, धार्मिक जुलूसों पर पथराव, हिंदुओं की संपत्तियों की लूट, सामूहिक बलात्कार की घटनाएं, और सेना, पुलिस, पत्रकारों, अधिवक्ताओं व आम नागरिकों पर खुले हमले हो रहे हैं।
महासभा ने आरोप लगाया कि मस्जिदों से पथराव, गोलीबारी और बम हमले किए जा रहे हैं, साथ ही “सर तन से जुदा” जैसे भड़काऊ नारे लगाए जा रहे हैं। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकारों की कार्रवाइयों को हिंदुओं की सुरक्षा के लिए अपर्याप्त बताया।
हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि 1947 जैसे हालात की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। संगठन ने मांग की है कि कोर्ट केंद्र सरकार को कड़े कानून बनाने का आदेश दे, जिसमें दंगाइयों का मतदान अधिकार समाप्त करने और उन्हें देश निकाला देने जैसे कदम शामिल हों। महासभा का कहना है कि इससे देश में लोकतंत्र की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।




