
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: अभी तक जो बिल 500 से 650 के बीच आ रहा था। स्मार्ट मीटर लगते ही 4000 से 5000 तक आने लगा है। सभी उपभोक्ताओं में रोष की लहर हैं। अब उपभोक्ताओं ने ठेकेदार के कर्मचारियो साफ कह दिया है, कि स्मार्ट मीटर नहीं लगाएंगे चाहे कुछ भी हो जाए।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया कि हमारे पुराने ही मीटर लगा दिए जाए। परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। बस झूठा आश्वासन देकर कि दिखवाते है, परन्तु कोई कार्यवाही नही हो रही है। इससे साफ दिखाई दे रहा है, कि बिजली विभाग और कम्पनी मिलकर उपभोक्ताओं को लंबा चूना लगाने में जुट गई है।और प्रशासन पूरा तमाशा चुपचाप देख रहा है।
अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है ? क्या उपभोक्ताओं की समस्याओं का प्रशासन कोई समाधान करेगा। अब देखना ये है, कि प्रशासन कब जागता है ?
About The Author
Views:0





