
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
मुजफ्फरनगर: 2013 में मुजफ्फरनगर जिले में हुए दंगों में गौरव और सचिन की हत्या के बाद भारी तनाव और हिंसा फैल गई थी। गौरव के पिता ने इस घटना को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि उस वक्त कई प्रमुख भाजपा नेताओं ने उन्हें मदद का वादा किया था, लेकिन चुनावों में इस मुद्दे को भुनाकर सरकार बनाने वाले नेताओं ने कभी भी मदद नहीं की।
गौरव के पिता ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि दंगों के बाद सरकार बनने के बाद मंत्री, सांसद और विधायक बने नेताओं ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय की लड़ाई अकेले ही लड़नी पड़ी, और इसके लिए प्रयागराज तक की यात्रा करनी पड़ी।
यह खुलासा उन नेताओं के लिए एक बड़ा सवाल उठाता है, जो उस वक्त अपने वादों से मुकर गए और दंगे पीड़ितों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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