
- रिपोर्ट- ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS), लखनऊ में “टीबी रोगी गोद लेने का कार्यक्रम – निक्षय मित्र अभियान” का विशेष आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्वसन रोग विभाग एवं NTEP कोर कमेटी, Dr. RMLIMS, लखनऊ द्वारा आयोजित हुआ।
इस पहल के अंतर्गत शेरवुड कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट, इंदिरा नगर, लखनऊ ने 50 टीबी रोगियों को गोद लेकर उनके सम्पूर्ण उपचार की अवधि में पोषण सामग्री एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के निर्देशों के अनुरूप है।
कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह ने किया। मंचासीन अतिथियों में प्रो. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय टास्क फोर्स, NTEP इंडिया), प्रो. डॉ. सूर्यकांत (अध्यक्ष, ज़ोनल टास्क फोर्स उत्तर जोन, NTEP इंडिया), प्रो. डॉ. विक्रम सिंह (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक), प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्रा (कार्यकारी रजिस्ट्रार, RMLIMS) एवं डॉ. ए.के. सिंगल (जिला क्षय रोग अधिकारी) शामिल रहे। स्वागत भाषण प्रो. डॉ. अजय कुमार वर्मा ने दिया।
मुख्य बिंदु:
प्रो. डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि निक्षय मित्र अभियान में समाज के लोग और संस्थान टीबी रोगियों को पोषण, भावनात्मक और सामाजिक सहयोग देकर उन्हें उपचार पूरा करने में मदद करते हैं। उन्होंने चिकित्सकों और शिक्षकों से भी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की।
प्रो. डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि अधिकतर टीबी रोगी कुपोषण से पीड़ित होते हैं, इसलिए पोषण सहयोग चिकित्सा जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी रोगियों में CBNAAT और LPA तकनीक से दवा प्रतिरोध परीक्षण कराने पर जोर दिया।
प्रो. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने पल्मोनरी मेडिसिन में DM सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू करने की आवश्यकता जताई और कहा कि टीबी उन्मूलन हर नागरिक का कर्तव्य है।
प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह ने घोषणा की कि अगले वर्ष RMLIMS में MD (रेस्पिरेटरी मेडिसिन) पाठ्यक्रम शुरू होगा और जल्द ही DM कोर्स भी शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा डॉ. ज्योति बाजपेयी (KGMU, लखनऊ) ने टीबी निवारक चिकित्सा की महत्ता बताई, जो रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों को संक्रमण से बचाने में सहायक है।
कार्यक्रम के पश्चात क्षय रोग पर CME सत्र एवं NTEP की द्वितीय तिमाही कोर कमेटी बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रगति एवं रणनीतियों पर चर्चा हुई।
आयोजन का सफल नेतृत्व प्रो. डॉ. अजय कुमार वर्मा (HOD, श्वसन रोग विभाग) ने किया। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत कुमार, सह-आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. मृत्युंजय सिंह एवं डॉ. पुलकित गुप्ता रहे। संचालन डॉ. मृत्युंजय सिंह व डॉ. पुलकित गुप्ता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष कुमार सिंह और डॉ. हेमंत कुमार ने प्रस्तुत किया।
यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि टीबी उन्मूलन केवल चिकित्सकीय लक्ष्य नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है, जिसे सामूहिक प्रयास, पोषण सहयोग और करुणा से ही साकार किया जा सकता है।





