
वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
आगरा: पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता कर अवैध धर्मांतरण गिरोह के खुलासे की जानकारी दी। यह कार्रवाई ‘मिशन अस्मिता’ के तहत की गई, जिसमें अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कमिश्नर ने बताया कि यह गिरोह 14 से 15 साल के लड़के और लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें अपने ग्रुप से जोड़ता था। ग्रुप में लड़कियों का संपर्क आयशा और अब्दुल रहमान से होता था, जो पाकिस्तान के इन्फ्लुएंसर तनवीर अहमद और साहिल के निर्देशों पर काम कर रहे थे। ये दोनों पाकिस्तान से ही ग्रुप का संचालन करते थे।
गिरोह में कश्मीर की लड़कियां भी सक्रिय थीं, जो धर्मांतरण के लिए युवाओं को कश्मीर बुलाकर उनका रहना, खाना और खर्चा खुद वहन करती थीं।
कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान को कंप्यूटर की 10 भाषाओं का ज्ञान है और वह फिलिस्तीन को आर्थिक सहायता भी भेजता था। गिरोह के तीन सदस्यों को डार्क वेब की विशेषज्ञता भी थी, जिसका प्रयोग युवाओं को प्रभावित करने और सूचना छुपाने के लिए किया जाता था।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह ज्यादातर मानसिक रूप से परेशान या असमर्थ युवाओं को निशाना बनाता था, और उन्हें धर्मांतरण की ओर प्रेरित करता था।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह संगठित गिरोह भारत की आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बन रहा था, जिसकी समय रहते पहचान कर बड़ी साजिश को विफल किया गया है।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।





