
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट, पीलीभीत
पीलीभीत में महर्षि वाल्मीकि सेना (अटल) द्वारा ठेका सफाई कर्मियों के हक में ज़ोरदार आवाज़ उठाई गई है। संगठन ने नगर पालिका परिषद पीलीभीत के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी अवगत कराया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल वाल्मीकि ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मियों की संख्या आवश्यकता से बहुत कम है, जिसके कारण एक कर्मचारी से पाँच लोगों का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि EPF और ESI कार्ड जैसी सुविधाओं में वर्षों से गड़बड़ी हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।
नाला सफाई को लेकर हुई शिकायत के संबंध में अपर जिलाधिकारी पीलीभीत द्वारा अपने कार्यालय में बैठक बुलाई गई, जिसमें अधिशासी अधिकारी पीलीभीत भी मौजूद रहे। बैठक में सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने 2021 से 2025 तक के बीच किस-किस फर्म को सफाई का ठेका दिया गया और किन-किन फर्मों ने EPF जमा नहीं किया, इसकी जांच कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
नगर पालिका परिषद की ओर से महर्षि वाल्मीकि सेना को एक लिखित नोटिस भी दिया गया है, जिसमें सात दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल वाल्मीकि ने कहा कि,
“हमारी महर्षि वाल्मीकि सेना (अटल) समाज हित के मुद्दों को उठाने से कभी पीछे नहीं हटेगी। जब तक हर सफाई मित्र को उसका हक नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
इस आंदोलन ने एक बार फिर ठेका सफाई कर्मचारियों की दुर्दशा और नगर निकायों की लापरवाही को उजागर कर दिया है।





