
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: मेरठ एसटीएफ ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी शाहरुख पठान को एक मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ मुजफ्फरनगर जिले के थाना छपार क्षेत्र में हुई। मुठभेड़ के दौरान शाहरुख घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शाहरुख का आपराधिक इतिहास
मुजफ्फरनगर निवासी शाहरुख पठान पर हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2015 में पुलिस कस्टडी में रहते हुए उसने आसिफ जायदा की हत्या की थी। जेल में रहते हुए वह संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।

साल 2017 में हरिद्वार में व्यापारी गोल्डी की हत्या और फिर उसके गवाह के पिता की हत्या में उसका नाम सामने आया। इस केस में उसे ₹50,000 का इनामी घोषित किया गया था और बाद में वह उम्रकैद की सजा काट रहा था। कुछ महीने पहले ही वह जमानत पर बाहर आया और दोबारा गवाहों को धमकाने की घटनाओं में लिप्त हो गया। संभल जिले में हत्या की कोशिश में भी उसका नाम आया।

बरामदगी और हथियार
मुठभेड़ के दौरान शाहरुख के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
30 एमएम बरेटा पिस्टल
32 एमएम ऑर्डिनेंस रिवॉल्वर
9 एमएम देसी पिस्टल
बिना नंबर की ब्रेजा कार
63 जिंदा कारतूस और 6 खोखा कारतूस
शाहरुख पठान के खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। एसटीएफ की इस कार्रवाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क पर एक बड़ी और निर्णायक चोट माना जा रहा है।





