
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का जोन 6 इन दिनों अवैध निर्माणों का गढ़ बनता जा रहा है। यहाँ खुलेआम निर्माण कार्य चल रहे हैं, वह भी बिना नक्शा पास कराए और पूरी प्रशासनिक मशीनरी की आंखों के सामने।
जोन 6 में डीलिंग का खेल जारी
यहां का माहौल कुछ ऐसा बन गया है कि प्राधिकरण की बजाय “प्राइवेट डीलिंग” ही सब कुछ तय करती नजर आ रही है। बिल्डरों और अधिकारियों के बीच चल रही यह ‘समझदारी’ अब किसी से छिपी नहीं है।
अवर अभियंता महोदय – गुणों की खान!
जोन 6 के अवर अभियंता महोदय वाकई बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। कभी बिल्डरों के समर्थन में सामने आते हैं, कभी उनके वकील बनकर दलीलें देते हैं। और जब जरूरत हो, तो ‘200 प्रतिशत कंपाउंडिंग’ की तकनीक समझाने लगते हैं।
नए नियमों का हवाला, लेकिन नियमों की परवाह नहीं
अवर अभियंता महोदय लगातार यह दावा करते सुने जाते हैं कि प्राधिकरण ने 200 प्रतिशत कंपाउंडिंग को मंजूरी दे दी है। नए नियमों और सरलीकरण का हवाला देकर वे हर अवैध निर्माण को वैध साबित करने की कोशिश करते हैं।
पद की गरिमा से ज़्यादा बिल्डरों से वफादारी?
ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है – क्या ये सब केवल नियमों की जानकारी है या फिर कुछ और खेल? अगर थोड़ा-सा भी समर्पण अपने पद और विभाग के प्रति दिखाया गया होता, तो शायद जोन 6 की हालत इतनी बुरी न होती।
ओएसडी वंदना पांडेय भी भ्रमित
बताया जा रहा है कि जोन 6 की ओएसडी वंदना पांडेय को भी उनके ही अवर अभियंता गुमराह कर रहे हैं। उन्हें अधूरी या गलत जानकारियाँ देकर मामलों को छुपाया जा रहा है।
रिटायरमेंट से पहले ‘लंबी पारी’ का इरादा?
जोन 6 के अवर अभियंता महोदय शायद रिटायरमेंट से पहले अपनी ‘पारी’ को और लंबा खींचने के मूड में हैं। आदेशों की अवहेलना और नियमों की अनदेखी शायद उसी रणनीति का हिस्सा है।
उपाध्यक्ष के आदेश भी बेमानी?
एलडीए उपाध्यक्ष के सख्त निर्देश भी जोन 6 में बेअसर साबित हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि इस जोन में किसी का कोई नियंत्रण नहीं।
बिना नक्शे के हो रहे निर्माण
कैसरबाग, अमीनाबाद, हुसैनगंज और नाका जैसे क्षेत्रों में मुख्य सड़कों पर बिना किसी नक्शे के अवैध निर्माण कार्य खुलेआम चल रहे हैं।
नोटिस कहीं कटा, कहीं पूरी छूट
कहीं नोटिस काटकर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है, तो कहीं बिना किसी नोटिस के ही बिल्डरों को खुली छूट मिल जाती है।
प्रमुख मामले:
बांस मंडी चौराहा से लाल कुआं की ओर – यहां मुख्य मार्ग पर एक अवैध मार्केट का निर्माण चल रहा है, जिसे पूरा संरक्षण प्राप्त है।
अमीनाबाद का भानुमति चौराहा – चौराहे के बाएं हाथ पर एक व्यक्ति (बताया जा रहा है अग्रवाल) द्वारा अवैध व्यावसायिक निर्माण कराया जा रहा है।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल
जोन 6 में चल रही इस खुली लापरवाही और भ्रष्टाचार पर अब सवाल उठने लगे हैं। आखिर किसका संरक्षण है इन निर्माणों को? और कब जागेगा एलडीए प्रशासन?
👉 क्या जोन 6 में कानून का राज बहाल हो पाएगा या फिर ये मंडी यूं ही चलती रहेगी?





