
- रिपोर्ट – अनुराग सिंह बिष्ट, ब्यूरो लखनऊ
लखनऊ का जोन-4 अवैध निर्माण का गढ़ बनता जा रहा है। यहाँ सीलिंग में डीलिंग का खेल खुलेआम चल रहा है, जिससे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जोनल अफसरों को गुमराह कर रहे हैं उनके ही अभियंता?
सूत्रों के अनुसार जोन-4 के अभियंता हेमंत कुमार और संजय वशिष्ट उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के सख्त आदेशों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। आरोप है कि ये दोनों अधिकारी मिलकर अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं तथा कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएँ निभाई जा रही हैं।
जेई और एई के बीच डीलिंग का चल रहा खेल
जोन-4 में जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर पर अवैध निर्माण कराने और बचाव का पूरा खेल चलाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
कई प्रमुख क्षेत्रों में धड़ल्ले से अवैध निर्माण
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, सीतापुर रोड, अलीगंज, आईआईएम रोड, कपूरथला, निराला नगर और डालीगंज जैसे क्षेत्रों में कई अवैध निर्माण तेजी से खड़े किए जा रहे हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष के आदेशों के बावजूद इन क्षेत्रों में जेई और एई की मिलीभगत से बिल्डिंगें खड़ी की जा रही हैं।
भगवती विहार फेस-2 में 5000 स्क्वायर फीट का अवैध व्यावसायिक निर्माण
सबसे ताज़ा मामला भगवती विहार फेस-2 का है, जहाँ ज्ञानकोश ट्यूटोरियल के ठीक सामने और ताड़ीखाना रोड के अंदर लगभग 5000 वर्ग फीट में एक बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण चल रहा है।
यह निर्माण कथित रूप से गोपाल जयसवाल द्वारा कराया जा रहा है। नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर इमारत का निर्माण किया जा रहा है और तस्वीरों में साफ दिखता है कि उपाध्यक्ष के आदेशों को किस प्रकार दरकिनार किया जा रहा है।
एलडीए की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि जब जोन-4 के अभियंता ही आदेशों की अनदेखी करेंगे तो अवैध निर्माण कैसे रुकेगा? क्या वाकई जोनल अधिकारी को गुमराह किया जा रहा है या मामला इससे भी बड़ा है—इसी की जांच जरूरी है।
स्थानीय निवासियों ने एलडीए उपाध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।


