
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जोन-6 के अंतर्गत आने वाली दो बार सील की गई बिल्डिंग पर बिल्डर ने अपने रसूख के बल पर खुलेआम निर्माण कार्य पूरा कर डाला, जिससे एलडीए की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
नाका गुरुद्वारा के पीछे बनी विवादित बिल्डिंग
नाका गुरुद्वारा के पीछे स्थित जिस बिल्डिंग को एलडीए ने नियमों के उल्लंघन के चलते दो बार सील किया था, वहीं अब पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रही है। यह साफ तौर पर नियमों और कानून को चुनौती देने जैसा है।
जोन-6 के अधिकारी क्षेत्र में नदारद
जोन-6 के अधिकारी ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई करने की बजाय अपने दफ्तरों की एसी में सुकून तलाश रहे हैं। इलाके में कोई निगरानी नहीं दिख रही है और बिल्डरों को जैसे मनचाही छूट मिल गई हो।
सीएम योगी के आदेशों का भी नहीं रहा असर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन एलडीए अधिकारियों पर इसका कोई असर नजर नहीं आता। अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही से साफ है कि अब उन्हें सीएम के आदेशों का भी कोई भय नहीं रह गया।
यह मामला सिर्फ एक बिल्डिंग का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





