
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित कैम्पल रोड पर एक फ्लैट में वह खेल चल रहा था, जो देखने में तो ताश का था, मगर दाँव पर थीं लाखों की रकमें। जी हाँ, यहाँ जुआरियों की महफ़िल सजी थी, जहाँ पासा और पट्टे के साथ-साथ किस्मत भी जोर-शोर से आजमाई जा रही थी। मगर लगता है, इस बार लक्ष्मी जी ने जुआरियों का साथ छोड़ दिया और खाकी वर्दी वालों का दामन थाम लिया।
पुलिस को जैसे ही इस नवाबी जुए की भनक लगी, वैसे ही उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी। जब पुलिस ने फ्लैट का दरवाज़ा खटखटाया, तो अंदर का नज़ारा किसी लास वेगास के छोटे-मोटे कैसीनो से कम नहीं था। मेज़ पर नोटों का ढेर, हवा में तनाव, और चेहरों पर पसीन, मानो हर कोई सोच रहा हो, बस, एक दाँव और! मगर पुलिस ने कहा, बस, अब बहुत हो गया!
पुलिस ने न सिर्फ जुआरियों को धर दबोचा, बल्कि मौके से लाखों का कैश, एक चमचमाती गाड़ी, और कुछ किस्मत चमकाने का सामान भी ज़ब्त कर लिया। अब ये तो वही जुआरी बता सकते हैं कि गाड़ी किस्मत से जीती थी या हारने के बाद बची थी।
पूछताछ में शायद जुआरी दलील दें कि यह तो बस टाइमपास था, और हार-जीत तो ज़िंदगी का हिस्सा है। मगर पुलिस का कहना है, भाई, टाइमपास के लिए तो लूडो भी है, लाखों क्यों जलाए? इस छापेमारी ने ठाकुरगंज में हड़कंप मचा दिया है। लोग कानाफूसी कर रहे हैं कि जिस मोहल्ले में चाय की टपरी तक की खबर पुलिस को नहीं होती, वहाँ इतना बड़ा खेल कैसे चल रहा था? शायद जुआरियों ने सोचा था कि डिजिटल ज़माने में पुलिस अभी एनालॉग मोड में है।
खैर, इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि कानून की नज़र से कोई नहीं बच सकता, चाहे आप कितने ही बड़े प्लेयर हों। और हाँ, अगली बार जब ताश का दाँव लगाएँ, तो याद रखें, किस्मत का पासा पलटते देर नहीं लगती, खासकर जब पुलिस की चाल चल रही हो!





