
- रिपोर्ट: विजय गुप्ता
बहराइच। जहां एक तरफ लोग रोज़मर्रा की भागदौड़ में व्यस्त थे, वहीं दूसरी तरफ नानपारा तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चारदा के पास एक खेत में ऐसा नज़ारा देखने को मिला कि लोग ठिठक कर देखने लगे। सैकड़ों की संख्या में गिद्धों ने मानो “मीटिंग” बुला ली हो!
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, “भैया, इतने गिद्ध तो हमने बचपन में भी नहीं देखे थे!”
कुछ लोगों ने मज़ाक में कहा कि लगता है गिद्धों ने भी सोशल मीडिया की तरह “रियूनियन” प्लान कर लिया है।
बताया जा रहा है कि वर्षों से गायब रहे ये पंखधारी मेहमान अचानक एक किसान के खेत में उतर आए। देखते ही देखते यह जगह “गिद्ध चौपाल” में बदल गई। राहगीरों की भीड़ जुट गई और मोबाइल कैमरे फुल ऑन हो गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पर्यावरण के लिए अच्छा संकेत हो सकती है। कभी एक दवा Diclofenac के कारण गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब इनकी वापसी उम्मीद जगा रही है।
हालांकि, गांव के बच्चों ने इस दृश्य को लेकर अलग ही निष्कर्ष निकाला —
“लगता है गिद्धों को भी यहां का खाना पसंद आ गया!”
फिलहाल, यह “गिद्ध सम्मेलन” पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि ये मेहमान कुछ दिन और रुकते हैं या फिर अगली “मीटिंग” के लिए उड़ान भर लेते हैं।




