
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथप्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आपका स्वागत करने का अवसर मिला है। प्राचीन काल से काशी भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। हमारी संस्कृति और संस्कार सदियों पहले भारत से मॉरीशस पहुंचे और वहां की जीवन-पद्धति में रच-बस गए।”
उन्होंने आगे कहा, “काशी में माँ गंगा की अविरल धारा की तरह, भारतीय संस्कृति का अविरल प्रवाह मॉरीशस को समृद्ध करता रहा है। आज जब हम मॉरीशस के साथियों का काशी में स्वागत कर रहे हैं, तो यह सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन है। इसलिए मैं गर्व से कहता हूं कि भारत और मॉरीशस सिर्फ़ पार्टनर नहीं, बल्कि एक परिवार हैं।”
इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग, व्यापार, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने पर जोर दिया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भी भारत के साथ गहरे सांस्कृतिक संबंधों की सराहना की और काशी की आध्यात्मिकता को विश्व के लिए एक अनमोल धरोहर बताया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





