
वाराणसी – काशी विश्वनाथ धाम जैसी अति-संवेदनशील जगह पर सुरक्षा को लेकर एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक NRI (अप्रवासी भारतीय) व्यक्ति गूगल ग्लास जैसा हाई-टेक ‘जासूसी’ कैमरा चश्मा पहनकर मंदिर परिसर में दाखिल हो गया और मुख्य मंदिर तक पहुंच गया। वह अपनी मां की तस्वीरें ले रहा था, तभी सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी और उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
कैसे हुई हाई-टेक सेंध?
जानकारी के अनुसार, यह NRI अपने परिवार के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आया था। वह सभी सुरक्षा जांचों को पार करते हुए गूगल ग्लास पहनकर अंदर प्रवेश कर गया। यह डिवाइस देखने में एक सामान्य चश्मा लगता है, लेकिन इसमें कैमरा, डिस्प्ले और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी जासूसी क्षमताएं होती हैं।
मुख्य मंदिर के पास जब उसने फोटो लेना शुरू किया, तभी एक सतर्क सुरक्षाकर्मी की नजर उस पर पड़ी और उसे तुरंत रोका गया।
घंटों चली पूछताछ, फिर छोड़ा गया
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस, एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) और अन्य खुफिया एजेंसियों ने NRI से कई घंटों तक पूछताछ की। हालांकि पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक मंशा नहीं पाई गई। इसके बाद उसे सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
इस घटना को लेकर धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस गेट से वह अंदर गया, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को कड़ी हिदायतें दी गई हैं और जांच व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
क्या है गूगल ग्लास?
गूगल ग्लास एक ऐसा स्मार्ट चश्मा है जो साधारण दिखता है लेकिन इसमें छुपा कैमरा, रिकॉर्डिंग सिस्टम और इंटरनेट कनेक्शन होता है। इसे पहनकर कोई व्यक्ति चुपचाप फोटो या वीडियो बना सकता है, जिसकी पहचान आमतौर पर नहीं हो पाती।
चेतेश्वर पुजारा ने किए दर्शन
इसी बीच, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने भी रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने बताया कि 2022 में दर्शन के बाद उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाया था और उनकी मन्नत पूरी हुई थी।
निष्कर्ष
यह घटना एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। तीर्थस्थल की पवित्रता और सुरक्षा को देखते हुए, हाई-टेक डिवाइसेज पर निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है। प्रशासन इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।



