
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
🚩 25 सितम्बर 2025, ऋषिकेश: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत संकल्प और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से परमार्थ निकेतन में “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” महाश्रमदान अभियान का भव्य आयोजन किया गया।
यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के पावन अवसर पर हुआ, जिन्हें एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता के रूप में स्मरण किया गया। इसी भाव में आज की गंगा आरती भी उन्हें समर्पित की गई।
🌿 स्वच्छता ही सेवा, श्रमदान ही महादान!
सुबह 8 से 9 बजे तक चले इस श्रमदान में परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों, आचार्यों, साधकों व देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गंगा तट पर एक स्वर में लिया संकल्प:
“स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत”।
🙏 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर कहा:
“स्वच्छता केवल बाहरी सफाई नहीं, यह आंतरिक चेतना और राष्ट्रीय चरित्र की भी शुद्धि है। जब हम एक साथ श्रमदान करते हैं, तो यह केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि अपनी नकारात्मकता और आलस्य को भी दूर करने का प्रयास है।”
🌸 साध्वी भगवती सरस्वती जी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा:
“युवा शक्ति यदि स्वच्छता, सेवा और अनुशासन का संकल्प ले ले, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। गंगा और धरती माता हमारी धरोहर हैं, उन्हें स्वच्छ रखना हमारा धर्म है।”
🔆 यह आयोजन तीन महान विचारधाराओं का संगम बना —
- महात्मा गांधी जी का स्वच्छता संदेश,
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की अंत्योदय प्रेरणा,
- और प्रधानमंत्री मोदी जी का विकसित भारत का विजन।
🎯 इस अवसर पर आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, राकेश रोशन और परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों के साथ-साथ विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भी सक्रिय योगदान दिया।
➡️ आयोजन का संदेश स्पष्ट था —
“स्वच्छता केवल कार्य नहीं, यह एक राष्ट्रीय संकल्प है।
एक दिन, एक घंटा, एक साथ – और बदल सकता है पूरा भारत।”



