
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: लखनऊ कमिश्नरेट के थाना गाजीपुर मुंशी पुलिया चौकी क्षेत्र के सेक्टर 17 के भवन संख्या 87 का मामला न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बाद भी प्रतिवादी राजाराम न्यायलय मे हाजिर होने के 13सितम्बर 25 अधिवक्ता सहित लगभग आधा दर्जन लोगों के साथ मुंशी पुलिया चौकी के कुछ सिपाहियों से मिलकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों अवहेलना कर वादी महिला को चौकी पर बुलाकर जबरन जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया।
मामले मे चौकी प्रभारी अभिषेक पांडे के द्वारा प्रतिवादी राजाराम से न्यायालय से भूमि खाली कराने के आदेश की मांग करने पर प्रतिवादी आदेश नहीं दिखा सका,संबंधित मामले में श्री पांडे ने कहा यदि आदेश नहीं है तो विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार का विवाद करने पर कड़ी कार्यवाही की हिदायत देने के बाद प्रतिवादी राजाराम अधिवक्ता सहित वापस चला गया, लेकिन चौकी के कुछ सिपाहियों के संरक्षण के चलते 25 सितंबर 2025 को दबंग प्रतिवादी राजाराम अधिवक्ता सहित लगभग आधा दर्जन लोगो के साथ पहुंचकर दुकान पर धावा बोलकर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।
पीड़िता द्वारा डायल 112 पर की गई शिकायत पर पहुंचे पुलिस कर्मियो के द्वारा न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बाद दबंग पर कार्यवाही करने के बजाय दुकान खाली कराने का फरमान जारी करने लगे,जैसे लगा डायल 112 वाले न्यायाधीश बनकर आए हो,संबंधित मामले की सूचना पहुंचे चौकी इंचार्ज मुंशी पुलिया अभिषेक पांडे की कढ़ाई पर विपक्षी राजाराम अधिवक्ता सहित रफू चक्कर हो गए लेकिन दुकान में की गई तोड़फोड़ पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी।



