
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: सिकंद्राराऊ नगर पालिका परिषद के कार्यालय में अफसर की कुर्सी पर बैठकर बनाई गई वायरल रील ने अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। नगर पालिका अध्यक्ष ने माना कि यह वीडियो पुराना है, पर उनका दावा है कि इसे साजिश के तहत वायरल किया गया, ताकि पालिका की छवि धूमिल की जा सके।
अध्यक्ष का कहना है — “किसी व्यक्ति ने जानबूझकर यह वीडियो बनाकर वायरल किया है। यह नगर पालिका की साख को गिराने की कोशिश है।” इस मामले में कुछ सभासदों ने एकजुट होकर ज्ञापन भी सौंपा था, जिसमें जांच की मांग की गई थी।

लेकिन जनता का सवाल साफ है — क्या यह जांच सिर्फ फाइलों में चलती रहेगी, या फिर अफसर की कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति पर वास्तविक कार्रवाई होगी?

गौर करने वाली बात यह भी है कि वीडियो में अफसर की कुर्सी पर बैठा युवक नगर पालिका अध्यक्ष के संगठन का पूर्व पदाधिकारी है। इस खुलासे ने पूरे मामले को और गर्मा दिया है।
अपने दिए हुए बयान की क्लिप में अध्यक्ष बार-बार कहते सुने जा सकते हैं — “ये बच्चों द्वारा वीडियो बनाया गया हैं”। अब सवाल उठता है — आखिर ये “बच्चे” कितने साल के हैं और क्या सरकारी कुर्सी पर बैठना सिर्फ ‘शरारत’ माना जाएगा?
कि यह मामला न पद की गरिमा का उल्लंघन है, बल्कि सत्ता-संगठन के रिश्तों और प्रशासनिक ढिलाई पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।





