
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग की नई-नवेली वर्टिकल व्यवस्था अभी ठीक से चलना सीख भी नहीं पाई थी कि पहले ही लुढ़क कर चारों खाने चित्त पड़ गई। सिस्टम बदला, कुर्सियाँ बदलीं, जिम्मेदार बदल दिए गए—पर उपभोक्ताओं की किस्मत नहीं बदली!
सूत्रों की मानें तो हाल मात्र तीन दिनों में ही इतना बिगड़ गया कि सिर्फ गोमती नगर ज़ोन में 4000 से ज्यादा शिकायतें धूल फांक रही हैं। जी हाँ, आपने सही सुना 4000!
इतनी शिकायतें तो त्योहारों में भी नहीं आतीं, जितनी यह “वर्टिकल सिस्टम” तीन दिन में उगल गया!
उपभोक्ता एक तरफ लाइन में खड़े, हेल्पडेस्क पर फोन की घंटी बज-बज कर थक गई, और दूसरी तरफ अधिकारी नई व्यवस्था की “सफलता” का भाषण तैयार करने में जुटे हैं।
अगर एक ज़ोन का हाल यह है, तो बाकी ज़ोनों की हालत का अंदाज़ा सिर्फ वही लगा सकता है।
जिसने बिजली विभाग के ऑफिस में जाकर एक बार “फॉलो-अप” किया हो।
लोग अब तंज कसते कहते हुए सुने जा रहे हैं— “पुरानी व्यवस्था खराब थी, नई तो उससे भी चार कदम आगे निकली।”
विभाग चाहे जितना दावा करे, पर सच्चाई वही है जो उपभोक्ता भुगत रहा है— वर्टिकल व्यवस्था अभी शुरुआत में ही दम तोड़ती दिख रही है।




