
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में सर्वोच्च न्यायालय ने डॉ. शशिकांत दीक्षित द्वारा दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) संख्या–11964/2023 को 3 फरवरी 2026 को मेरिट के आधार पर खारिज कर दिया। इसके साथ ही इस प्रकरण से संबंधित अन्य संलग्न एसएलपी भी निरस्त कर दी गईं।पूर्व अध्यक्ष ऑल इंडिया काउंसिल श्री सत्य नारायण पाण्डेय ने कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।”
उन्होंने बताया कि श्री आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद का पंचवर्षीय चुनाव 18 फरवरी 2022 को होना था, लेकिन ऑल इंडिया काउंसिल के निर्णय के विरुद्ध जाकर डॉ. शशिकांत दीक्षित द्वारा समानांतर प्रबंध समिति का गठन कर लिया गया था।इस मामले को लेकर दाखिल याचिका संख्या 9252/2023 पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 19 अप्रैल 2023 को उस समिति को निरस्त कर दिया और बैंक संचालन पर भी रोक लगा दी। साथ ही सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स, वाराणसी को निर्देश दिया कि वे छह सप्ताह के भीतर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कराएं तथा जिलाधिकारी वाराणसी को चुनाव स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ डॉ. शशिकांत दीक्षित ने स्पेशल अपील डबल बेंच संख्या 331/2023 दाखिल की, जिसे भी 29 मई 2023 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद डॉ. दीक्षित ने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल की, जिस पर सुनवाई के दौरान मामला लंबित रहा। इस दौरान उन्होंने अन्य दो मामलों में भी सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल कर दी थी।पाण्डेय ने आरोप लगाया कि 19 अप्रैल 2023 के बाद से संस्था की कोई वैध प्रबंध समिति नहीं है और किसी को भी बैंक संचालन का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में अवैधानिक रूप से आर्य महिला बाल विभाग को बंद कर दिया गया, जहां अल्प आय वर्ग के बच्चों को कम शुल्क में शिक्षा मिलती थी। साथ ही विद्यालय के कंप्यूटर सिस्टम और फर्नीचर बेच दिए जाने का भी आरोप लगाया गया।
उन्होंने बताया कि आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल में भी कई वर्षों से कार्यवाहक प्रधानाचार्या से ही कार्य लिया जा रहा है।सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब माननीय उच्च न्यायालय के 19 अप्रैल 2023 के आदेश के अनुपालन में सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स, वाराणसी द्वारा संस्था का चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता में पद्म भूषण प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, विनोद शंकर उपाध्याय, प्रो. शैलेन्द्र उपाध्याय, शिव प्रसाद श्रीवास्तव, हरि नारायण पाण्डेय, शलभ शर्मा, सत्येंद्र मिश्रा, डॉक्टर प्यारे सिंह, मुकेश पाठक, आलोक चंद्र भारद्वाज, सुनील पाठक, गोपाल नारायण पाण्डेय, डॉ. विनोद कुमार पाण्डेय, राजीव नारायण पाण्डेय, डॉ. डी.एन. त्रिपाठी, पंकज चतुर्वेदी, डॉ. राजेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. राहुल पाण्डेय, संजय उपाध्याय, बनारसी मिश्रा और अभिषेक नारायण पाण्डेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


