
- सबका साथ-सबका विकास, सबको न्याय के बिना असंभव – राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल।
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: बटला हाउस फर्जी इण्काउन्टर कि सत्रहवीं बर्सी के मौके पर इस इण्काउन्टर की न्याययिक जांच की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल ने प्रदर्शन किया तथा माननीय प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल के प्रदेश कोषाध्यक्ष शहाब आलम ने कहाकि, ‘‘2008 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के गृह मंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा कांग्रेस सरकार की लाज बचाने के लिए मुस्लिम नौजवानो को बलि का बकरा बनाने हुए साजिश रच कर 19 सितम्बर, 2008 को दिल्ली के बटला हाऊस में फर्ज़ी मुदभेड़ की गयी और इस दौरान दो बेकसुर मुस्लिम नौजावान आतिफ व साजिद के साथ एक जांबाज़ पुलिस इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतार दिया गया था और अनेक मुस्लिम नौजवानो को इस केस में फंसा कर उनकी जिंदगी बरबाद कर दी गई।
इस फर्ज़ी इण्काउन्टर के खिलाफ राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल ने आज़मगढ़ से लेकर दिल्ली तक जोरदार विरोध दर्शाया था और यह मांग की थी कि इस काण्ड की न्याययिक जांच कराई जाए जिसे ना र्सिफ मुस्लमानो अपितु मुल्क के हर न्याय प्रिय नागरिक का सहमती मिली और हर दिशा से न्याययिक जांच के लिए आवाज़े उठने लगी लेकिन य0ुपी0ए0 की तत्कालीन केन्द्रीय सरकार ने इस इन्काउन्टर की न्याययिक जांच न कराकर लोकतंत्र का गला घोंठ दिया।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हुज़ैफा आमिर रशादी ने कहाकि इस इण्काउन्टर के बाद कांग्रेस सरकार ने अपने कानूनी कर्तव्यों का भी पालन नही किया, जबकि सी0आर0पी0सी0 की धारा 176 के अंतर्गत ‘किसी भी प्रकार के पुलिस टकराव में अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उस घटना की मजिस्ट्रेट जांच करवाना अनिवार्य है।
बटला हाउस इण्काउन्टर में एक बहादुर पुलिस अफसर एवं दो प्रतिभावान छात्रों की मौत हुई परन्तु न तो कांग्रेस, न भाजपा की केन्द्र सरकार और नाही चुनाव से पहले इण्काउन्टर पर सवाल उठाने वाले केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद इस काण्ड की जांच करवाना मुनासिब समझा। पार्टी नेता ज़करिया फ़ैज़ान ने कहाकि आखिर क्या वजह है कि इस इण्काउन्टर की जांच नही करायी जा रही है? अगर इन्काउन्टर सही था तो जांच में भी तो वही सच निकलकर आएगा‘‘।
सच सामने आना ही चाहिये क्योंकि ये इण्काउन्टर सिर्फ एक क्षेत्र विशेष के नही बल्कि पूरे देश के मुसलमानों की अस्मिता पर सवाल है, भाजपा ‘सबका साथ सबका विकास‘ की बात करती हैं पर क्या सबका साथ सबका विकास सबको न्याय के बिना संभव है? बटला हाउस फर्जी इण्काउन्टर की न्याययिक जांच की मांग हम तबतक दोहराते रहेंगे जबतक सरकार हमारी मांग को मान नही लेती है ।
प्रदेश उपाध्यक्ष शहाबुद्दीन ने कहाकि आजादी के बाद से ही लगातार मुसलमानों का शोषण हुआ है, पहले साम्प्रदायिक दंगों के जरिये हमें हानि पहुंचाई गई फिर आतंकवाद के झूठे आरोप में हमारे नौजवानों को फंसाया गया, अब मॉब लिंचिग के नाम पर मारा जा रहा है और हमारे मसीहा बने तथाकथित सेकुलर दल हमें वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन हमारी समस्याओं पे उनकी आवाज़ तक नही निकलती।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो0 सर्वेश कुमार यादव, अब्दुल खलील, हाफ़िज़ फ़ैज़ान, फहद रशादी, मौलाना अब्दुल हलीम, सैय्यद मुनासिर, असदुल्लाह, शाहदुल्ला , मो सैफ़, मुस्तकीम, मो. सलीम, दिलदार हुसैन, सरवर खान, फरजान अहमद, अयाज़ अहमद, मिर्ज़ा अल्तमश बेग, रिंकू, सलमान आदि बड़ी तादाद में कार्यकता उपस्थित रहे।




