
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा / यूपी हेड
लखनऊ: देश और दुनिया के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। बीते कुछ समय में चांदी ने निवेशकों का खास ध्यान खींचा है और इसके पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई का दबाव और डॉलर में कमजोरी ने कीमती धातुओं की मांग बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प तलाशते हैं और चांदी एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है।
इसके अलावा औद्योगिक मांग भी चांदी की कीमतों को ऊपर ले जा रही है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, 5G तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। हरित ऊर्जा पर बढ़ता फोकस और सोलर पावर परियोजनाओं के विस्तार से चांदी की खपत तेजी से बढ़ी है। सप्लाई सीमित होने के कारण मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन बन रहा है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
चांदी की बढ़ती कीमत का एक और बड़ा और नया कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार है। AI आधारित डाटा सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर उद्योग में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। AI सर्वर, चिप्स और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चांदी की उत्कृष्ट विद्युत चालकता इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। जैसे-जैसे दुनिया भर में AI तकनीक का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांदी की औद्योगिक मांग भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है।
घरेलू बाजार की बात करें तो भारत में शादी-विवाह का सीजन, सिक्कों और बार में निवेश तथा औद्योगिक जरूरतों ने चांदी की मांग को और मजबूत किया है। जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे और AI व ग्रीन एनर्जी सेक्टर का विस्तार जारी रहा, तो आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है




