
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
2 अगस्त 2027 को आसमान में एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक खगोलीय घटना होने जा रही है — पूर्ण सूर्य ग्रहण। इस दिन चंद्रमा लगभग 6 मिनट तक सूरज को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन के उजाले में कुछ पल के लिए घना अंधेरा छा जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रहण सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा, जिसे दुनियाभर में करोड़ों लोग देख सकेंगे। भारत समेत कई देशों में यह दृश्य साफ तौर पर दिखाई देगा।
इस ग्रहण को “सदी में एक बार” की घटना इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इतनी लंबी अवधि तक चलने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत ही कम देखने को मिलता है।
क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच पूरी तरह से आ जाता है और सूरज की रोशनी को पूरी तरह रोक देता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान दिन में कुछ समय के लिए रात जैसा अंधेरा छा जाता है।
क्या होगा असर?
- तापमान में गिरावट
- पशु-पक्षियों का व्यवहार बदल सकता है
- वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए शोध का बड़ा अवसर
👉 इस ऐतिहासिक खगोलीय घटना को देखने के लिए लोग अभी से तैयारी कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें — सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है, इसलिए सुरक्षित सौर चश्मों का इस्तेमाल ज़रूरी है।





