- रिपोर्ट: पंकज झा
रामनगर/वाराणसी: अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण फ्रेंट विलेज के नाम पर बौद्ध बिहार के अधिग्रहण के खिलाफ यहाँ जारी धरना शनिवार को लगातार 112 वें दिन जारी रहा। शनिवार को धरने का नेतृत्व राम सूरत ने किया। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज पूरे विश्व में युद्ध का दौर चल रहा है और भगवान बुद्ध की देशना शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। शांति मैत्री करुणा जन जन में संचार करती है। विश्व पटल पर भगवान बुद्ध की देशानाएं गूंज रही है।
सरकार ऐसे रमणीक बौद्ध विहार को उजाड़ने की बात कर रही है। ऐसा केंद्र वाराणसी चंदौली जिले में कहीं नहीं है। आज के युग में सबको शांति और सुख समृद्धि की आवश्यकता है लेकिन कोई व्यक्ति सुख शांति से जीने के लिए उन देवताओं की तरफ अपना ध्यान नहीं देता। पूरे विश्व को जीने की कला को भगवान बुद्ध ने अपने मध्य मार्ग के माध्यम से बताया है। जीवन कैसे व्यतीत किया जाता है उसे पर कोई नहीं जीना चाहता। आज आधुनिकता के पीछे सभी भाग रहे है।
बौद्ध विहार निरंतर लोकहित में आम जनमानस को शीलवान बनाने में निरंतर कार्य कर रहा है। जिससे समाज को अनैतिक कार्यों से विरत रहने की प्रेरणा मिलती है। इसलिए किसी भी कीमत में पर बौद्ध विहार की भूमि हम लोग सरकार को नहीं देंगे। धरने में मुख्य रूप से पूज्य भंते बुद्ध ज्योति, विद्याधर मौर्य, वीरेंद्र सिंह मौर्य, मस्तराम मौर्य, प्रदीप यादव,बबलू मौर्य,जन अधिकार पार्टी के लल्लन मौर्या, श्याम सुंदर यादव, डॉ राधेश्याम मौर्य ,वीरेंद्र पटेल, संतराम मौर्य, चंद्रप्रकाश मौर्य, विनय मौर्य, सत्यनारायण मौर्य, रामबली, महेंद्र राम, रवि सोनकर, विक्की यादव, विकास चौहान, नामवर, वंदना मौर्य, आदि लोग भारी संख्या में मौजूद थे।





