
-कार्यवाही क्यों नहीं, योगी का शासनादेश हवा में क्यों
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। नरायनपुर,मिर्जापुर अदलहाट थाना क्षेत्र के नरायनपुर पुलिस चौकी अंतर्गत अधिकारियों व माफियाओं में चोर साव का खेल खेलकर जमकर मलाई काटा जा रहा है। विषेसरपुर माफी मौजे में कानून को विधवा कर दिया गया है। माफियाओं द्वारा अवैध खाद गड्ढे की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। गौरतलब है कि खाद गड्ढा की जमीन स्थित मौजा विशेषरपुर माफी परगना भूईली तहसील चुनार हाल खतौनी गाटा संख्या 247क 247 ख पर अतिक्रमण का शिकायत प्रकाश में आया है। जिसे हटाने के संबंध में कडी प्रभावी कार्यवाही कि निर्देश दिया गया है।
कब्जाधारी यादव लंबे समय से काट रहे मलाई, प्रशासन को चुनौती
जानकारी के अनुसार शिकायती में प्रार्थना पत्र द्वारा ओंकारनाथ निवासी विशेषरपुर माफी परगना भुईली तहसील चुनार ने प्रकरण से अवगत कराया कि मौजा विशेषरपुर माफी परगना भुईली तहसील चुनार की वर्तमान आराजी नंबर 247 का रकबा 0.0250 हेक्टेयर व आराजी नंबर 247 का रकबा 0.0250 हेक्टेयर लोकनाथ यादव पुत्र छांगुर यादव व भूसी राम उर्फ राम सकल पुत्र रेखा निवासीगण विशेषरपुर माफी परगना भूईली तहसील चुनार के नाम से संक्रमणीय भूमिधर दर्ज कर दिया गया है।
जबकि चकबंदी बंदोबस्त प्रथम चकबंदी में उक्त आराजी नंबर 247 का पुराना नंबर 139 खाद गड्ढा के रूप में अंकित किया गया था। जिस पर ग्राम प्रधान व राजस्व कर्मचारियों के मिलीभगत व बालाबाला कार्यवाही करके विधि विरुद्ध तरीके से हुए अंकन से मौके पर खाद गड्ढा के नवैयत समाप्त कर विपक्षी लोकनाथ यादव पुत्र छांगुर यादव द्वारा उक्त संपूर्ण खाद गड्ढा पर कृषि पट्टाकर कब्जा कर लिया गया है।
ऐसी सूरत में आराजी नंबर 247 क 247 ख को न्यायहित व जनहित में संक्रमण्णीय भूमिधर से निरस्त कर खाद गड्ढा के रूप में कागजात मॉल में अंकित कराया जाकर उक्त भूमि को लोकनाथ यादव पुत्र छांगुर यादव से मुक्त कराए जाने वह नियमानुसार अर्थ दंड लगाने की मांग की है।
राजस्व टीम खाद गड्ढे पर अवैध कब्जे का दे चुका है रिपोर्ट
मौजे में खाद गड्ढे की भूमि पर 67 की कार्रवाही व नियमानुसार विपक्षी लोकनाथ पुत्र छांगुर से मुक्त करते हुए गलत इंद्राज निरस्त कर खाद गड्ढा त्वरित गति से अंकित कराए जाए। प्रकरण में हल्का लेखपाल व आराई द्वारा स्थलीय जांच कर पुनह खाद गडढा दर्ज करने हेतु अपनी रिपोर्ट कार्यालय में जमा हो चुका है। अब सीआरओ के यहां वाद दर्ज कर डेट पर डेट दिया जा रहा है। जबकि यह प्रकिया पूर्ण हो चुकी है व 90 दिवस के भीतर कब्जा मुक्त हो जाना था। न्याय हो रहा है या कुछ और।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश को ठेंगा दिखाते हैं मिर्जापुर के अधिकारी
जिले के अधिकारी लिखित सूचना के बावजूद भी गोबरदास बने हुएं हैं। डीएम साहब खाद गढढे पर अतिक्रमण की सूचना पर भी शिथिलता बरती जा रही है, अपनी रूचि स्पष्ट करें कि कार्यवाही विलंब क्यों हो रही है। शासनादेश व उच्च निर्देश के बाद भी मुकदमा दर्ज कर लंबा खींच रहे प्रकरण में स्थानीय अधिकारी। डीएम साहब को खाद गढढे पर अतिक्रमण की सूचना एक वर्ष पूर्व दे दी गयी है। लेकिन कार्यवाही में अब भी शिथिलता, कारण क्या है? अब तक कार्यवाही क्यों नहीं, योगी का शासनादेश हवा में क्यों लिया जा रहा है।
इसमें हल्का राजस्व टीम खाद गड्ढे पर अवैध कब्जे का रिपोर्ट दे चुका है। कब्जाधारी यादव लंबे समय से काट रहे मलाई, प्रशासन को चुनौती बनी हुई है। ऐसे मामलों में उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने कहा है कि चिन्हिंत होने पर ऐसे मामलों में 90 दिन के भीतर हर हाल में कब्जा से मुक्त कराया जाये।





