ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने के पहले संकेत पैरों से मिलते हैं, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
पैरों में सूजन, ठंडापन और ऐंठन हो सकती है खराब रक्त प्रवाह की चेतावनी; व्यायाम और सही डाइट से पाएं राहत

नई दिल्ली: हमारा शरीर एक जटिल मशीन की तरह काम करता है और इस मशीन का सबसे अहम हिस्सा है रक्त (Blood)। खून शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व पहुंचाता है, जिससे हमारे अंग सही तरीके से काम करते हैं। लेकिन अगर ब्लड सर्कुलेशन धीमा या अवरुद्ध हो जाए, तो इसके सबसे पहले लक्षण पैरों में दिखने लगते हैं।
❗ क्यों सबसे पहले पैरों पर दिखते हैं असर?
पैर शरीर का सबसे निचला और दूरस्थ हिस्सा होते हैं, इसलिए रक्त प्रवाह में किसी भी बाधा का असर सबसे पहले यहीं महसूस होता है। दुर्भाग्यवश, लोग अक्सर इन शुरुआती संकेतों को थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है।
⚠ ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने के 4 प्रमुख संकेत
1. पैरों और टखनों में सूजन (Edema)
- लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने के बाद पैरों में सूजन आना।
- सूजन पर उंगली से दबाने पर स्किन में गड्ढा बन जाता है, जो कुछ सेकेंड्स तक रहता है।
- यह संकेत हो सकता है कि दिल, किडनी या नसें कमजोर हो रही हैं।
2. पैरों का अत्यधिक ठंडा होना
- अगर आपके पैर हमेशा ठंडे रहते हैं, तो यह सिर्फ मौसम की वजह से नहीं हो सकता।
- यह Peripheral Artery Disease (PAD) या थायरॉइड की समस्या का संकेत हो सकता है।
- इसका मतलब है कि पैरों तक ताजा खून नहीं पहुंच रहा है।
3. पैरों में ऐंठन या मांसपेशियों का खिंचाव
- रात को सोते समय या थोड़ी देर टहलने पर अचानक दर्द के साथ मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना।
- खासकर पिंडलियों, जांघों और तलवों में होता है।
- इसका कारण है कि मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही।
4. थकान या भारीपन महसूस होना
- चलने-फिरने पर पैरों में जल्दी थकान या भारीपन महसूस होना,
- यह संकेत है कि नसों में रक्त का प्रवाह सुचारू नहीं है।
✔ इससे कैसे बचें? अपनाएं ये आसान उपाय
🏃♂️ नियमित व्यायाम करें
- हर दिन सिर्फ 30 मिनट तेज चलना या हल्की दौड़ लगाना भी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।
- पिंडलियों की मांसपेशियों को “दूसरा दिल” कहा जाता है क्योंकि ये खून को वापस दिल तक पहुंचाती हैं।
🦶 टो राइज एक्सरसाइज करें
- पंजों पर खड़े होकर उठने और बैठने की प्रक्रिया नसों को मजबूत करती है।
- इससे पैरों से दिल तक रक्त प्रवाह बेहतर होता है।
🥗 संतुलित आहार लें
- नमक कम करें, क्योंकि यह शरीर में पानी रोककर सूजन बढ़ा सकता है।
- ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और बेरीज खाएं, जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।
- तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड से बचें, क्योंकि ये नसों पर दबाव डालते हैं।
🔍 कब दिखाएं डॉक्टर को?
- अगर पैरों में लगातार ठंडापन, सूजन, या ऐंठन बनी रहती है
- चलने में तकलीफ होती है या त्वचा का रंग बदलता है
- किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें
निष्कर्ष:
पैरों में आने वाले छोटे-छोटे बदलाव शरीर में बड़े खतरे की ओर इशारा कर सकते हैं। इन्हें नजरअंदाज करना भविष्य में दिल, किडनी या नसों से जुड़ी बीमारियों को बुलावा दे सकता है। थोड़ी सी जागरूकता और दिनचर्या में बदलाव करके आप खुद को बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं।



