
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: राम जन्मभूमि गेट के सामने आज व्यापारी समाज और सर्व समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रामपथ पर बने डिवाइडर के बीच में रेलिंग लगाने के प्रस्ताव से स्थानीय व्यापारी और नागरिक बेहद नाराज हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और तीन प्रमुख मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों का कहना है कि राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या धाम और फैजाबाद (अब अयोध्या नगर) के बीच आवागमन की कनेक्टिविटी लगभग पूरी तरह बंद हो गई है। आम जनमानस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस ही एकमात्र साधन है, जो भी कई बार बंद रहता है। इसलिए या तो बस सेवा को बहाल किया जाए या गोल्फ कार्ट जैसी सुविधाओं की संख्या और दूरी बढ़ाई जाए।

दूसरी प्रमुख मांग बाहर से आने वाले ठेला वालों और बैटरी रिक्शा संचालकों की सख्त जांच और सत्यापन की है। ये लोग मनमाना किराया वसूलते हैं और दर्शनार्थियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे अयोध्या के स्थानीय व्यापारियों की बदनामी हो रही है। इससे पूरी अयोध्या की ट्रैफिक व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त हो गई है। प्रशासन से मांग है कि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जाए।

तीसरी और सबसे अहम मांग डिवाइडर के बीच में रेलिंग न लगाने की है। व्यापारियों का तर्क है कि इससे अयोध्या धाम के व्यापारी और नागरिक दो हिस्सों में बंट जाएंगे। किसी भी आपदा या इमरजेंसी की स्थिति में दोनों तरफ के लोग आसानी से आवागमन नहीं कर पाएंगे, जो बहुत खतरनाक हो सकता है।
व्यापारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि राम मंदिर के बाद भी अयोध्या में स्थानीय सुविधाओं और जनजीवन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।




