
- हाथरस: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: उत्तर प्रदेश सरकार के साफ़ आदेश के बावजूद अटैचमेंट का खेल हाथरस के बेसिक शिक्षा विभाग में अब भी जारी है। जब पूरे प्रदेश में टीचरों और कर्मचारियों के अटैचमेंट खत्म कर दिए गए, तब हाथरस का मामला शासन की नज़रों में सवाल बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, सहायक पद पर तैनात अजीत शर्मा लंबे समय से ऑफिस अटैचमेंट पर डटे हुए हैं। बताया जाता है कि यह अटैचमेंट पूर्व बीएसए उपेंद्र गुप्ता के कार्यकाल में किया गया था। दिलचस्प यह है कि उसी दौरान शासन ने अटैचमेंट खत्म करने का आदेश भी जारी किया था, लेकिन अजीत शर्मा का मामला तब भी “खास” ही बना रहा।

अब बीएसए स्वाती भारती के कार्यकाल में भी स्थिति जस की तस है — न तो अटैचमेंट खत्म हुआ, न ही किसी कार्रवाई की सुगबुगाहट दिखी। सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्वाती भारती को इस अटैचमेंट की जानकारी नहीं है, या फिर वह भी अजीत शर्मा पर अपनी ‘कृपा दृष्टि’ बनाए हुए हैं?
विभागीय गलियारों में चर्चा गर्म है कि जब उपेंद्र गुप्ता के दौर का शासनादेश भी कुछ नहीं कर सका, तो अब क्या वाकई में कोई अधिकारी इस “मेहरबानी तंत्र” को तोड़ पाएगा?

अंदरखाने की खबर है कि अन्य कर्मचारियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। सबका कहना है कि “जब सबके अटैचमेंट खत्म कर दिए गए, तो फिर एक व्यक्ति को क्यों मिली छूट?”

अब सबकी निगाहें शासन और बीएसए स्वाती भारती पर टिकी हैं — क्या सरकारी आदेशों से ऊपर चल रहे इस ‘अटैचमेंट राज’ पर अब कार्रवाई होगी, या यह ‘खास रिश्ता’ यूं ही बरकरार रहेगा?
हाथरस शिक्षा विभाग में एक ही चर्चा – ‘अजीत शर्मा का अटैचमेंट आखिर कौन हटाएगा?’



