
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
सादाबाद, हाथरस: श्रावण की भक्ति में सराबोर कांवड़ यात्रियों की सेवा में अब अधिकारी भी जुट गए हैं। सादाबाद के कुरसंडा मोड़ पर बने शिविर में एक घायल कांवड़िया पहुंचा तो मौके पर मौजूद लेखपाल और शिक्षक ने सेवा की मिसाल पेश कर दी। स्वास्थ्य विभाग के पहुंचने से पहले ही लेखपाल ने घायल का पैर दबाया और शिक्षक ने लगाया मरहम।
श्रद्धा का सैलाब और सेवा का समर्पण…
कछला, राजघाट और रामघाट से जल लेकर आ रहे श्रद्धालु जब सड़कों पर थक कर बैठते हैं, तो कोई अजनबी हाथ सेवा में जुट जाता है। सादाबाद क्षेत्र में प्रशासन, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और समाजसेवी – सब मिलकर कांवड़ियों की सेवा में दिन-रात लगे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तांता – शिविर बने सहारा
आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह-शाम हजारों कांवड़िये कतारबद्ध चल रहे हैं। शासन के निर्देश पर लगाए गए शिविरों में मेडिकल से लेकर भोजन तक की व्यवस्था है।
छाले पड़े पांव – राहत बनी मानवता
कई कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ चुके हैं, दर्द में कराहते श्रद्धालुओं के पास पहुंचते हैं समाजसेवी – कभी कोई पैरों की मालिश करता है तो कोई पानी पिलाता है। यही है सेवा में समर्पण की असली तस्वीर।
अधिकारियों की तत्परता भी बनी मिसाल
एसडीएम संजय कुमार स्वयं शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्था जांच रहे हैं। तहसीलदार और डॉ. दानवीर शिविरों में मौजूद रहकर कांवड़ियों की हर समस्या को मौके पर ही सुलझा रहे हैं।
कांवड़ सेवा में लगे अधिकारी और समाज – बना मानवता का महाकुंभ!





