
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। अवध ऑर्थो सेंटर के चिकित्सक डॉ. अब्दुल सलाम ने शीत लहर के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें, शरीर को सूखा रखें और गर्म कपड़ों की पर्याप्त परतें पहनें।
ठंड में फ्लू, नाक बहना व अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। बच्चों, बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. सलाम ने बताया कि गर्म पेय पदार्थ, पौष्टिक भोजन और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है, फिर भी गुनगुना पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
शीतदंश जैसे लक्षण—हाथ-पैर सुन्न पड़ना या त्वचा का रंग बदलना—दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। सुबह-शाम अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें और घर के भीतर नियमित योग व व्यायाम करते रहें।
सतर्कता ही शीत लहर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।





