
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: देशभर के सेवारत शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सेवा में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए शिक्षकों को TET (Teachers Eligibility Test) पास करना अनिवार्य होगा।
दो साल में TET पास करना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जिन शिक्षकों की नौकरी में 5 साल या उससे अधिक की सेवा बची है, उन्हें आने वाले दो वर्षों के भीतर TET क्वालिफाई करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर अनिवार्य सेवानिवृत्ति (कंपल्सरी रिटायरमेंट) लेनी पड़ेगी।
5 साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को आंशिक राहत
हालांकि कोर्ट ने उन शिक्षकों को कुछ राहत दी है जिनकी सेवा में केवल 5 साल या उससे कम का समय बचा है। उन्हें TET पास करना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन उन्हें भी बिना TET पास किए प्रमोशन नहीं मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र पर असर
इस फैसले का असर देश भर के हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा, खासकर उन पर जो अब तक TET पास किए बिना सेवा में बने हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता और योग्यता आधारित पदोन्नति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह फैसला राज्यों के शिक्षा विभागों और स्कूल प्रशासन के लिए भी TET को लेकर नीतिगत सख्ती बरतने का संकेत है। अब शिक्षकों को न सिर्फ नियुक्ति के समय बल्कि सेवा में बने रहने के लिए भी योग्यता परीक्षा को गंभीरता से लेना होगा।





