
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन की बुवाई के बीच उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग ने एक प्रेस-नोट जारी कर किसानों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। आपको बता दूं सहकारिता मंत्री जीपीएस राठौर ने समाचार TODAY 24 के प्रधान संपादक ज्ञानेश वर्मा से बातचीत में कहा कि हम लगातार किसानों के हित में काम कर रहे हैं और किसानों को लेकर कोई भी शिकायत अगर आती है तो अधिकारियों को सख्त आदेश देते हैं किसानों को कालाबाजारी करके सामान ना दिया जाए जो सरकार द्वारा तय मूल्य है उसी पर किसानों को सीधा सामान देने का काम किया जाए। इसी कड़ी में अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (कृषि निर्माण), सहकारिता विभाग, श्रीकान्त गोस्वामी ने जानकारी दी कि इस वर्ष खरीफ अभियान के अंतर्गत अब तक सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं द्वारा कुल 27.21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 21.36 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किए गए थे।
प्रेस-नोट में बताया गया कि इस वर्ष समय से पूर्व वर्षा होने के कारण उर्वरकों की मांग अपेक्षाकृत अधिक रही, जिसके चलते वितरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 47.04 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार निजी और सहकारी दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध है।
जनपदों के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह निर्देशित किया गया है कि उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर और पारदर्शी ढंग से की जाए तथा कालाबाजारी, ओवररेटिंग, तस्करी अथवा उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनुचित टैगिंग जैसे कार्यों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी जनपद में ऐसी अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
— श्रीकान्त गोस्वामी
अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (कृषि निर्माण),
सहकारिता विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।





