
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल के निर्देश पर आज का दिन समाजवादी विचारधारा से जुड़े अधिवक्ताओं के लिए ऐतिहासिक रहा। जब दक्षिण गुजरात, दमन दीव और दादरा एवं नगर हवेली क्षेत्र के समर्पित अधिवक्ताओं ने वापी कोर्ट परिसर में एकत्र होकर समाजवादी अधिवक्ता सभा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
यह बैठक न केवल संगठनात्मक दृष्टिकोण से अहम रही, बल्कि समाजवादी सोच और न्यायिक सक्रियता के समन्वय की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बनी समाजवादी अधिवक्ता सभा का उद्देश्य केवल संगठन खड़ा करना नहीं है, बल्कि न्यायपालिका के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता, और संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करना है।
इस विचार के साथ, आज की बैठक में अधिवक्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समाजवादी मूल्यों का प्रचार करेंगे और पीड़ितों, मजदूरों, किसानों, आदिवासियों और शोषित वर्गों को न्याय दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।स्थानीय अधिवक्ताओं की भागीदारी वापी कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से लेकर युवा अधिवक्ताओं तक, सभी ने इस बैठक में भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
दमन, सिलवासा, नवसारी, वलसाड, भरूच जैसे क्षेत्रों में अधिवक्ता सभा की इकाइयों के गठन पर रणनीति बनी।संवैधानिक मुद्दों पर संवाद: संविधान के मूल स्वरूप की रक्षा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए अधिवक्ता सभा की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
युवा अधिवक्ताओं को जोड़ने का आह्वान: बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पास हो रहे युवाओं को समाजवादी विचारधारा से जोड़कर उन्हें न्यायिक क्षेत्र में जागरूक किया जाएगा।
वापी, जहां औद्योगिक विकास और श्रमिकों की बड़ी संख्या है, वहां समाजवादी अधिवक्ता सभा की मौजूदगी श्रमिकों के अधिकारों, महिलाओं की सुरक्षा, और पर्यावरणीय न्याय के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
इस क्षेत्र में न्याय के लिए काम करने वाले वकीलों का एकजुट होना समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है।
अधिवक्ताओं के लिए संविधान, श्रम कानून, मानवाधिकार जैसे विषयों पर कार्यशालाएं होंगी।समाजवादी अधिवक्ताओं के एकजुट मंच के ज़रिये जनहित याचिकाएं, कानूनी सहायता शिविर और न्याय साक्षरता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
वापी कोर्ट से शुरू हुई यह पहल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि संविधान, न्याय और समाजवाद की त्रिवेणी को मजबूत करने का एक आंदोलन है।
दक्षिण गुजरात, दमन दीव और दादरा नगर हवेली में न्याय और समता की अलख अब समाजवादी अधिवक्ता सभा के हाथों जलेगी।
यह शुरुआत एक ऐसे बदलाव की ओर इशारा है, जहां कानून का छात्र, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सभी मिलकर संविधान की भावना को ज़मीनी हकीकत बनाएंगे।
मुख्य रूप से समाजवादी अधिवक्ता सभा गुजरात के सह प्रभारी मोहम्मद ज़ाकिर खान, एम. जे. चौहान, आशीष चौहान, जे. बी. सिंह व राष्ट्रीय सचिव संदीप यदुवंशी सहित अन्य अधिवक्ता साथी मौजूद रहे।





