
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
अयोध्या: 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देश-विदेश की गणमान्य हस्तियों के आगमन के चलते शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। कार्यक्रम में छह हजार से अधिक मेहमानों के पहुंचने की संभावना है।
सुरक्षा कारणों के चलते 24 नवंबर की रात 12 बजे के बाद अयोध्या शहर में आम लोगों का प्रवेश रोक दिया जाएगा। केवल स्थानीय निवासी ही अपने घरों तक पहुंच सकेंगे, लेकिन उन्हें रामपथ जाने की अनुमति नहीं होगी। सुबह 25 नवंबर को रामपथ को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा।
ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह से दोपहर लगभग डेढ़ बजे तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे और अतिथियों को संबोधित करेंगे। सुरक्षा का स्तर जल, नभ और थल तीनों स्तरों पर बढ़ा दिया गया है। पूरे रामपथ पर रूफटॉप ड्यूटी तैनात रहेगी, जबकि 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी शहरभर में सुरक्षा प्रबंधन संभालेंगे। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने रातभर संदिग्धों की चेकिंग और तलाशी अभियान भी गति दे दी है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित लोगों से 24 नवंबर तक अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया है, ताकि सुरक्षा और प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से की जा सके।
अयोध्या एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता — 40 से 80 चार्टर्ड विमानों के आने की तैयारी
कार्यक्रम से पहले अयोध्या एयरपोर्ट पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। पीएम और अन्य वीवीआईपी के आगमन की वजह से यहां 40 से 80 चार्टर्ड विमानों के उतरने की संभावना है। एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विमानों के संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। हालांकि, विमानों की पार्किंग पास के अन्य हवाई अड्डों पर तय की जाएगी। सुरक्षा के लिए CISF के 100 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है।

टेंट सिटी और होटलों में 1,600 कमरे बुक-
ध्वजारोहण समारोह में आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए टेंट सिटी और कई होटलों में करीब 1,600 कमरे आरक्षित किए गए हैं। प्रधानमंत्री के लिए एक विशेष लाउंज तथा मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए छह अलग वीआईपी लाउंज तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सभी तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के अनुसार अयोध्या मेडिकल कॉलेज में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं और 24 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम कार्यक्रम के दौरान तैनात रहेगी।
अयोध्या नगर के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राम जन्मभूमि परिसर में अधिकारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ संपूर्ण तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी।


