- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। चौबेपुर क्षेत्र के सोनबरसा गाँव में चलने वाले तीन दिवसीय केदारेश्वर महादेव मन्दिर जीर्णोद्धार प्राण प्रतिष्ठा के पहले दिन प्रायश्चित एवं पंचांग पूजा एवं मण्डप प्रवेश मण्डप पूजन आचार्य संतोष मिश्रा के देख रेख में कई वैदिक ब्राह्मणों के साथ हूवा। वही श्री शिव कथा का दिव्य एवं मंगलमय शुभारंभ श्री श्री 1008 परम् पूज्य सिद्ध बाबा नरसिंह दास जी महाराज के पावन सानिध्य में भव्य कलश यात्रा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित कलश यात्रा एवं कथा में श्रद्धालु भक्तों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली।
सम्पूर्ण वातावरण हर-हर महादेव के उद्घोष से भक्तिमय हो उठा। कथा के प्रथम दिवस पूज्य महाराज श्री द्वारा शिवभक्ति, शिवलिंग की उत्पत्ति एवं शिव तत्व से संबंधित अनेक दिव्य एवं प्रेरणादायक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। अपने प्रवचन में पूज्य महाराज ने बताया कि शिवलिंग ब्रह्मांडीय चेतना का प्रतीक है तथा सच्ची शिवभक्ति से मानव जीवन में धर्म, शांति, सद्भाव एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वही विश्व विराट विजय राघव मन्दिर के पूज्य महन्त श्री श्री 1008 महामण्डलेश्वर स्वामी महावीर दास जी ने कथा में बेलपत्र एवं शिव प्रसाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। तथा श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया बेलपत्र समस्त पापो का नाश करता है ।शिव प्रसाद का सेवन करने से भक्त के जीवन में सकारात्मकता,शांति एवं शिवअनुग्रह की प्राप्ति होती है ।
शिव कथा आगामी तीन दिनों तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से सात बजे तक जारी रहेगी, जिसमें श्रद्धालुओं को शिव कथा के विविध दिव्य, आध्यात्मिक एवं कल्याणकारी प्रसंगों का श्रवण प्राप्त होगा।
वही आठ मार्च दिन रविवार को दोपहर एक बजे से विशाल भण्डारे का आयोजन भी है । मुख्य जजमान के रूप में अवधेश शुक्ला, बच्चन शुक्ला, विवेक, मोनू,अरुण, महादेव शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, पवन चौबे, प्रवीण पाठक सहित सभी गाँव व क्षेत्र वासी रहे ।



