
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कभी स्वास्थ्य और शिक्षा को सेवा का माध्यम माना जाता था, लेकिन अब ये दोनों आम जनता की पहुंच से बाहर हो चुके हैं।
मोहन भागवत ने कहा, “स्वास्थ्य और शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। पहले इन्हें सेवा समझा जाता था, लेकिन अब इनका व्यवसायीकरण हो गया है। आज ये न तो सस्ती हैं और न ही सुलभ। आम आदमी के लिए इन तक पहुंच मुश्किल होती जा रही है।”
उनके इस बयान को मौजूदा सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर गहरे सवाल उठाने वाला माना जा रहा है। भागवत के मुताबिक, इन दोनों क्षेत्रों को फिर से जनसेवा की भावना से जोड़ने की जरूरत है, ताकि देश के हर नागरिक को समान रूप से लाभ मिल सके।





