
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ। केन्द्रीय 8वें वेतन आयोग के विचारणीय विषय में जनवरी 2026 के पूर्व के सेवानिवृत्त पेंशनर के पेंशन के पुनरीक्षण तथा अन्य नाम को शामिल करने की मांग को लेकर आज उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में पेंशनरों ने आमसभा कर जिलाधिकारी/पुलिस कमिश्नर के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने का कार्य किया है, और ज्ञापन की प्रतियां केन्द्रीय वित्त मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा अन्य सम्बन्धितों को भेजा है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसो0 उत्तर प्रदेश के आवाहन पर हुये इस कार्यक्रम में कर्मचारियों एवं शिक्षकों के सेवारत संगठन सहित दर्जनों विभागों से जुड़े पेंशनर्स बड़ी संख्या में भागीदारी कर आन्दोलन को धार दिया है।
राजधानी लखनऊ में यह कार्यक्रम स्थानीय वी0एन0 सिंह प्रतिमा स्थल पर हुई आमसभा पर पेंशनरों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
सभा को सम्बोधित करते हुये पेंशनर्स एशो0 के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि सेवाकाल में लम्बित वेतन यदि लम्बित न रखा गया होता तो उसे भुगतान करने के लिए सरकार को (थ्नदक) उपलब्ध कराना पड़ता।
चूंकि इस वेतन को लम्बित रखना था इसलिये (थ्नदक) आवंटित नहीं किया गया जो उस समय सरकार की भविष्य में भुगतान की जाने वाली बचत रही। इसलिये सन्दर्भित पेंशन अनफन्डेड कत्तई नहीं जा कहा सकता। दूसरे शब्दों में लम्बित वेतन जो सेवा के दौरान भुगतान नहीं किया गया, वास्तव में वही कर्मचारी का ब्वदजतपइनजपवद हो गया। इस प्रकार यह पेंशन (ब्वदजतपइनजपवद) कन्टीव्यूशन भी है और फन्डेड भी है।
इसी कारण सरकार द्वारा जो बजट बनाया जाता है, उसमंे वेतन और पेंशन को कमिटेड इक्पेन्डीचर (ब्वउउपजजमक म्गचमदकपजनतम) की श्रेणी में रखा जाता है। सेवानिवृत्त कर्मचारी शिक्षक पेंशनरों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है, जिसके कारण उनका असन्तोष दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
ऐसी स्थिति में अनुरोध है, कि सरकार वित्त विधेयक-2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाले अंश को हटाने, केन्द्रीय 8वें वेतन आयोग के गठन के बारे में जारी नोटिफिकेशन के टर्म आॅफ रेफरेन्स के पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को सम्मिलित किये जाने एवं पेंशन को गैर अंशदाई और गैर वित्त पोषित बताये जाने वाले क्लाज सं0 (एफ-3) को हटाने की सकारात्मक कार्यवाही शीघ्रातिशीघ्र करावें।
सभा को सम्बोधित करते हुये सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशनर्स एशो0 के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी0एल0 कुशवाहा एवं महामंत्री ओ0पी0 त्रिपाठी ने दावा किया कि आज के कार्यक्रम में प्रदेश भर में लगभग एक लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी शिक्षकों ने भाग लिया है। विरोध सभा को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि केन्द्र/राज्यों की पेंशनरों की कुल संख्या लगभग दो करोड़ है।
और इनके परिवारों को मिलाकर यह लगभग 10 करोड़ लोगों के रोटी और पेट से जुड़ा सवाल है। अगर सरकार इनके हित रक्षण के प्रति सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो यह राष्ट्रव्यापी आन्दोलन बढ़ता ही जायेगा।
आज उन्होंने कहा कि यदि सरकार न चेती तो देश के स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी/शिक्षक अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के बैनर तले और बड़ा आन्दोलन करने के लिए विवश होना होगा। सभा का संचालन जनपद शाखा लखनऊ के मंत्री आर0सी0 उपाध्याय एवं अध्यक्षता जनपद लखनऊ के अध्यक्ष अंगद सिंह ने किया।
सभा को माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय उपाध्यक्ष डा0 आर0पी0 मिश्र, महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा, श्रमिक शिक्षक महासंघ के प्रान्तीय उपाध्यक्ष सुधांशु मोहन पेंशनर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस0पी0 सिंह, उपाध्यक्ष एस0के0 मिश्र राज्य कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष कमलेश मिश्र, ई0ओ0पी0 राय, रेनू शुक्ला, राम भजन मौर्या, आर0पी0 अवस्थी, एस0के0 अवस्थी, श्याम सिंह राठौर, राकेश कुमार यादव, राम स्वरूप कश्यप, आर0डी0 राम कनौजिया, कमलेश पाठक, गंगाधर निरंकारी, रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय, आर0सी0 मिश्र, नितेन्द्र श्रीवास्तव, गंगाराम गौतम, दिनेश चन्द्र बाजपेयी, अशोक कुमार मौर्य, यू0एस0 उपाध्याय, एन0पी0 सिंह, जी0एस0 कुशवाहा, एस0के0 पाण्डेय, ममवान सिंह वर्मा, विष्णु पाल आदि ने सम्बोधित किया।
आज के कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ लोक निर्माण विभाग, राज्य कर्मचारी महासंघ, निगम कर्मचारी महासंघ, ग्राम्य विकास बाल विकास पुष्टाहार योजना, स्वास्थ्य के0जी0एम0यू0 विकास प्राधिकरण, आवास विकास, अर्थ संख्या, जल संस्थान इंजीनियंरिग कालेज एवं सम्बद्ध संगठनों सहित अनेकों विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारी शिक्षक ने बड़ी संख्या में भागीदारी किया है।


