
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
वाराणसी:
पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि अपराध शाखा सीबीआई की तर्ज पर कार्य करेगी। अपराध शाखा अब केवल पुराने मामलों की फाइलों का डंपिंग यार्ड नहीं होगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना का प्रमुख केंद्र बनेगी। विवेचना उन्हीं विवेचकों द्वारा की जाएगी जिन्हें तकनीक एवं कानूनों की गहरी समझ हो।
अपराध शाखा में विवेचना के स्थानांतरण से वादी के मन में न्याय की भावना तथा अभियुक्तों में यह संदेश जाएगा कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
थाना ए०एच०टी० द्वारा विगत 03 वर्षों से लापता 06 बालिकाओं की सफल बरामदगी किए जाने पर पुलिस आयुक्त महोदय ने टीम की सराहना करते हुए प्रशंसा व्यक्त की।
पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन में अपराध शाखा द्वारा विगत वर्ष 49 विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है। माह जनवरी 2026 में कुल 06 विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया।
पुलिस आयुक्त महोदय ने लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सुनिश्चित करने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) को निर्देशित किया गया कि लंबित विवेचनाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिससे निरंतर निगरानी बनी रहे। विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई।
मानव तस्करी एवं महिला/बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि आधुनिक विवेचना हेतु डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण उपकरण, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच एवं तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।





