
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: हर साल लखनऊ नगर निगम (@LMC_Lucknow) द्वारा सड़क प्रकाश व्यवस्था के अनुरक्षण पर हज़ारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन “स्मार्ट सिटी” लखनऊ में हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
जोन-3 स्थित टेढ़ी पुलिया सब्ज़ी मंडी के पास डिवाइडर पर लगे एक खतरनाक पोल — जहां खुले तारों में करंट दौड़ रहा है — केवल एक उदाहरण है। ऐसे न जाने कितने पोल शहर में मौजूद हैं, जहां मौत खुले आम खड़ी है, बस किसी के छू जाने का इंतज़ार है।
हालात इतने गंभीर हैं कि अगर कोई हादसा हो जाए तो विभागों का पहला जवाब होता है — “ये तो हमारा काम नहीं था!”
एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ने की ये पुरानी आदत अब जानलेवा होती जा रही है।
हाल ही में कल्याणपुर इलाके में चार गौवंशों की करंट लगने से मौत हो गई। जब जांच हुई तो बिजली विभाग ने LMC के मार्ग प्रकाश विभाग पर ठीकरा फोड़ दिया। लेकिन इस हादसे के बाद भी न कोई जांच रिपोर्ट सामने आई, न कोई कार्रवाई, न ही कोई सबक लिया गया।
शहर की सड़कों पर लोगों की जान के साथ हो रहे इस खुले खिलवाड़ को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं —
📌 आखिर कौन लेगा जिम्मेदारी?
📌 कब होगी ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई?
📌 क्या हर हादसे के बाद यही “रिकॉर्डेड जवाब” दोहराया जाता रहेगा?
अब वक्त है स्थाई समाधान का, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
माननीय @aksharmaBharat, @NagarVikas_UP, @LucknowDivision, @AdminLKO, @LkoSmartCity, @UPGovt से अपील है कि लखनऊ को वाकई स्मार्ट और सुरक्षित बनाया जाए — कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर।





