
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। शादी का झांसा देकर युवती को भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को दंडित किया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) सुनील कुमार की अदालत ने चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी अभियुक्त राजू को दोषी पाने पर सात वर्ष के कारावास व चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 2500 रुपए पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का भी आदेश दिया है। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी पवन कुमार जायसवाल ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी लड़की क्षेत्र के ही एक स्कूल में इंटर में पढ़ती थी। इस दौरान उसकी पुत्री 20 फरवरी 2015 को परिक्षा देने के लिए स्कूल गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसकी पुत्री का पता नहीं चला तो उसने थाने में गुमशुदगी लिखवाई। इस बीच वादिनी को पता चला कि उसके गांव का ही रहने वाला राजू उसकी पुत्री को जबरदस्ती भगा ले गया है। इस बात को उसने राजू के परिवार वालों को बताया और लोकलाज के भय से ज्यादा शोर नहीं किया। इस बीच 24 फरवरी 2015 को उसकी पुत्री राजू के चंगुल से छुटकर वापस घर आई और उसने वादिनी को बताया कि राजू उसे शादी करने के लिए भगा कर ले गया था और किसी से कुछ बताने पर उसकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दिया है।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा देर आरोपित को गिरफ्तार किया था। मेडिकल में पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि होने पर अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था। अदालत में विचारण के दौरान कुल पांच गवाह परीक्षित कराए गए। अदालत ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषी पाने पर सजा सुनाई।





