- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। जौनपुर शासन के निर्देशानुसार प्रदेश भर में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर चलाए जा रहे अभियान में जनपद जौनपुर ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।शासन की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक माह जिलावार समीक्षा की जा रही है, जिसके चलते राजस्व विवादों के निपटारे में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसी क्रम में जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी लखनऊ प्रदेश में सर्वाधिक मामलों के निस्तारण में अव्वल रहा, जबकि जनपद स्तरीय न्यायालयों की श्रेणी में जौनपुर ने बाजी मारी।
542 मामलों का निस्तारण, 216.80 प्रतिशत उपलब्धि
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष बल दिया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की आरसीसीएमएस रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित मानक से कहीं अधिक मामलों का निस्तारण किया।प्रति माह 250 मामलों के मानक के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया गया, जो 216.80 प्रतिशत उपलब्धि है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ जौनपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा।
वहीं जनपद स्तरीय न्यायालयों में 300 मामलों के मानक के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर बस्ती दूसरे स्थान पर तथा 353 मामलों का निस्तारण कर प्रतापगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
जिलाधिकारी न्यायालय भी अव्वल
फरवरी माह में जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इस श्रेणी में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर रहे।
पिछले 15 माह से जौनपुर लगातार टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है। जनपद में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आमजन को राहत मिल रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है।




