
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
रामपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र में पशु तस्करों द्वारा NEET की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय छात्र दीपक गुप्ता की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी जुबैर उर्फ कालिया को शुक्रवार देर शाम रामपुर में उत्तर प्रदेश STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया। एक लाख रुपये के इनामी इस कुख्यात अपराधी पर कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से अधिकांश पशु तस्करी, गोहत्या, हत्या का प्रयास और हत्या से जुड़े थे। एनकाउंटर के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
घटना की जानकारी देते हुए डीआईजी मुनिराज ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर STF और रामपुर पुलिस ने घेराबंदी की थी। जुबैर चाकू चौक से मंडी की ओर जा रहा था, जब पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। खुद को घिरा देख आरोपी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। गोली लगने से जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस गोलीबारी में उपनिरीक्षक राहुल जादौन और कांस्टेबल संदीप कुमार घायल हुए हैं।
दीपक हत्याकांड का पृष्ठभूमि
16 सितंबर को गोरखपुर के पिपराइच गांव में दीपक गुप्ता पशु तस्करों को मवेशियों की चोरी रोकने की कोशिश कर रहा था। तस्करों ने विरोध करने पर छात्र को चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों जैसे रहीम को भी एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था। जुबैर, जो रामपुर के घेर मर्दान खां का निवासी था, मुख्य आरोपी के रूप में फरार चल रहा था। गोरखपुर के एडीजी ने उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ रामपुर, बलरामपुर, गोंडा और गोरखपुर जिलों में 14 से अधिक मामले दर्ज थे।
पुलिस की सतर्कता जारी
जुबैर की मौत के बाद पुलिस अब अन्य फरार तस्करों की तलाश में जुटी हुई है। इस एनकाउंटर से न केवल दीपक हत्याकांड में न्याय मिला है, बल्कि पशु तस्करी जैसे संगीन अपराधों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिली है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।



