
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों जैसे स्लीपर, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में किराया बढ़ाने का फैसला लिया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर यात्रियों की जेब पर असर डालने वाली है। खासकर उन यात्रियों के लिए, जो नियमित रूप से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
रेलवे द्वारा प्रस्तुत 2025-26 के बजट अनुमानों के अनुसार, इस बढ़ोतरी से सरकार को सालाना लगभग 990 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता था। हालांकि इस वित्तीय वर्ष के तीन महीने पहले ही गुजर चुके हैं, इसलिए 2025-26 में यह अतिरिक्त कमाई लगभग 700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
रेलवे ने यह आकलन पैसेंजर किलोमीटर के आधार पर किया है, यानी हर श्रेणी में यात्रियों द्वारा तय की गई कुल दूरी के हिसाब से संभावित कमाई का अनुमान लगाया गया है।
विपक्षी दलों और आम लोगों ने इस बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह फैसला महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा। वहीं रेलवे का कहना है कि इस कदम से बुनियादी ढांचे के सुधार और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अब देखना यह होगा कि रेलवे इस अतिरिक्त आय का इस्तेमाल यात्रा अनुभव को बेहतर करने में कितनी ईमानदारी से करता है, या फिर यह फैसला केवल राजस्व वृद्धि तक ही सीमित रह जाएगा।





