
रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में उज़्बेकिस्तानी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में डॉक्टर विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा के खिलाफ विदेशी अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और एफआरआरओ (FRRO) की संयुक्त छापेमारी के बाद की गई।
🔍 मामले की मुख्य बातें:
- दो उज़्बेकिस्तानी महिलाएं बिना पासपोर्ट और वीजा के लखनऊ में अवैध रूप से रह रही थीं।
- डॉ. विवेक गुप्ता ने त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा के कहने पर मोटी रकम लेकर इन महिलाओं की प्लास्टिक सर्जरी कर उनकी पहचान बदल दी।
- FRRO की टीम ने फ्लैट नं. 527 पर छापेमारी कर इन दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया और पूछताछ की।
- पूछताछ में महिलाओं ने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि वे दो साल पहले लखनऊ आई थीं।
📝 कानूनी कार्रवाई:
- डॉ. विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
- FRRO की टीम पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
🚨 क्या है खतरा?
अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों द्वारा पहचान बदलकर भारत में रहना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है। यह मामला लखनऊ में अवैध गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के गठजोड़ की ओर इशारा करता है।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है और इन महिलाओं का उद्देश्य क्या था। जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।





