
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
पंजाब: पंजाब में बाढ़ का कहर जारी है, लेकिन इस संकट की घड़ी में इंसान और जानवर एक-दूसरे के लिए फरिश्ते बनकर सामने आए हैं। कहीं इंसान जानवरों की जान बचा रहे हैं, तो कहीं जानवर इंसानों को सहारा दे रहे हैं। हर कोई अपना फर्ज निभाने में जुटा है, मगर प्रकृति का रौद्र रूप सब कुछ तहस-नहस कर रहा है।
प्रकृति का प्रकोप, बेजुबानों पर कहर
पंजाब के कई इलाकों में लगातार बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। नदियों का उफान बेजुबान भैंसों और गायों को बहाकर ले जा रहा है। जो किसान दूसरों के लिए अन्न उगाते हैं, आज वही अनाज के लिए तरस रहे हैं। खेत-खलिहान पानी में डूब गए हैं, और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
संकट में एक-दूसरे का सहारा
इस आपदा में पंजाब के लोग और पशु एक-दूसरे के लिए ढाल बनकर खड़े हैं। बाढ़ की तेज धार में फंसे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय निवासी और राहत टीमें जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। कई जगहों पर जानवरों ने भी इंसानों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की है। इन हौसलों को देखकर लगता है कि प्रकृति भी इन फरिश्तों के सामने नतमस्तक हो जाएगी।
प्रकृति से अपील, हौसलों को नमन
प्रकृति के इस प्रकोप के बीच पंजाब के लोगों का हौसला टूटा नहीं है। हर प्राणी, चाहे इंसान हो या जानवर, संकट में एक-दूसरे का साथ निभा रहा है। इन जांबाजों को नमन करते हुए स्थानीय लोग और राहत संगठन हर संभव मदद में जुटे हैं। उम्मीद है कि यह एकजुटता और हिम्मत जल्द ही स्थिति को सामान्य कर देगी, और प्रकृति का गुस्सा शांत होगा।





