
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आयोजित 17वें रोजगार मेले में देशभर के युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का सशक्तिकरण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “त्योहारों के बीच पक्की नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिलना यानी उत्सव की डबल खुशी है। आज देश के 51 हजार से अधिक युवाओं को यह खुशी मिली है। मैं समझ सकता हूं कि उनके परिवारों में कितना आनंद और गर्व होगा। सभी को हार्दिक बधाई।”
प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं से कहा, “आपको सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि राष्ट्र सेवा का अवसर मिला है। मुझे भरोसा है कि आप ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ देश के उज्जवल भविष्य के निर्माण में योगदान देंगे।”
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के लिए ‘नागरिक देवो भव:’ मंत्र मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने कहा, “सेवाभाव और समर्पण के साथ हमें हर नागरिक के जीवन में उपयोगी बनना है। पिछले 11 वर्षों में देश विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है और इसमें सबसे बड़ी भूमिका हमारे युवाओं की है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की शक्ति ही उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने कहा, “हमारी विदेश नीति भी अब युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। वैश्विक साझेदारियाँ युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार सृजन पर केंद्रित हैं।”
पीएम मोदी ने बताया कि रोजगार मेले के माध्यम से अब तक 11 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। “हमने पीएम विकसित भारत रोजगार योजना शुरू की है, जिसके तहत 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है,” उन्होंने कहा।
प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि भारत ने कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी की है, जिससे हजारों नए रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ स्टार्टअप्स और एमएसएमई को प्रोत्साहन देने के लिए समझौते किए हैं। ये कदम निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ भारत के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।”
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में भारत का युवा न केवल देश की प्रगति का वाहक बनेगा, बल्कि विश्व मंच पर भारत की पहचान और प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।



